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उत्तराखंड के तराई अंचल में स्थित रुद्रपुर, जो जनपद उधम सिंह नगर का जिला मुख्यालय है, वहीं एक साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार में जन्मे लाखन सिंह आज उपभोक्ता जागरूकता के क्षेत्र में एक सशक्त और प्रतिबद्ध नाम बन चुके हैं। जीवन के प्रारंभिक वर्षों से ही उन्होंने सामाजिक सरोकारों को अपनी साधना बनाया और बाल्यकाल से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक के रूप में राष्ट्र एवं समाज सेवा के संस्कार ग्रहण किए। जन–जन की समस्याओं के प्रक्ता संरक्षण की अलख जगा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत की अखिल भारतीय साधारण सभा इस वर्ष अप्रैल माह के प्रथम सप्ताह में शांतिकुंज, हरिद्वार में आयोजित की जानी है, जहाँ देशभर से आए प्रतिनिधि ग्राहकों से जुड़े विविध मुद्दों—बाजार धोखाधड़ी, डिजिटल फ्रॉड, उपभोक्ता संरक्षण कानून 2019 और जागरूकता रणनीतियों पर गहन मंथन करेंगे। इसी पृष्ठभूमि में वरिति संवेदनशील लाखन सिंह ने हमेशा यह प्रयास किया कि आम नागरिक अपने अधिकारों को पहचाने और शोषण के विरुद्ध खड़ा हो। वर्तमान में वे अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत में क्षेत्रीय संगठन मंत्री के दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं, जिनके कार्यक्षेत्र में उत्तराखंड, मेरठ प्रांत और ब्रजमंडल शामिल हैं। इसी दायित्व के अंतर्गत वे इन क्षेत्रों में ग्राहक जागरण अभियान को निरंतर विस्तार दे रहे हैं और संगठनात्मक ढांचे को जमीनी स्तर तक मजबूत कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी उपभोक्ताओं तक, जागरूकता शिविर, प्रशिक्षण कार्यक्रम और संवाद के माध्यम से वे उपभोष्ठ पत्रकार हरिशंकर सैनी ने लाखन सिंह से विशेष संवाद किया। यह साक्षात्कार केवल एक संगठनात्मक पदाधिकारी का परिचय नहीं, बल्कि उपभोक्ता अधिकारों को सामाजिक आंदोलन के रूप में स्थापित करने की प्रतिबद्ध यात्रा को सामने रखता है। प्रस्तुत है साक्षात्कार के प्रमुख अंश,

प्रश्न : अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के इतिहास और उद्देश्य पर प्रकाश डालिए।
उत्तर: देखिए मैं वर्तमान में अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत में क्षेत्रीय संगठन मंत्री के रूप में उत्तराखंड, मेरठ एवं ब्रज प्रांत का दायित्व निभा रहा हूँ। अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत की स्थापना 1970 के दशक में उस समय हुई, जब देश में उपभोक्ता अधिकारों को लेकर न तो पर्याप्त कानून थे और न ही जागरूकता। यह संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से प्रेरित एक स्वदेशी, गैर-राजनीतिक उपभोक्ता संगठन है, जिसका उद्देश्य उपभोक्ता को शोषण से मुक्त कर उसे सजग, संगठित और समर्थ बनाना है। आज यह संगठन देश के लगभग सभी राज्यों में एक सशक्त राष्ट्रीय नेटवर्क के रूप में कार्य कर रहा है।
प्रश्न : अखिल भारतीय स्तर पर संगठन किस प्रकार कार्य कर रहा है और क्षेत्रीय स्तर पर आपकी भूमिका क्या है?
उत्तर: अखिल भारतीय स्तर पर ग्राहक पंचायत नीति निर्माण, उपभोक्ता कानूनों पर सुझाव, राष्ट्रीय अभियानों और केंद्र सरकार के साथ संवाद की भूमिका निभाती है। क्षेत्रीय स्तर पर हमारी भूमिका उस नीति को जमीनी हकीकत में बदलने की होती है। हम जिलों, नगरों और गाँवों तक संगठन को पहुँचाकर स्थानीय समस्याओं—जैसे मिलावट, फर्जी उत्पाद, गलत बिलिंग, बीमा व बैंकिंग धोखाधड़ी—का समाधान करते हैं।
उत्तराखंड, मेरठ और ब्रज जैसे विविध क्षेत्रों में काम करते हुए हमें शहरी और ग्रामीण, दोनों तरह के उपभोक्ताओं की समस्याओं को समझना पड़ता है।
प्रश्न : ‘ग्राहक जागरण’ के तहत संगठन कौन-कौन से प्रमुख कार्य करता है?
उत्तर: ग्राहक जागरण हमारे संगठन का मूल मंत्र है। इसके अंतर्गत हम जागरूकता शिविर, कार्यशालाएँ, उपभोक्ता गोष्ठियाँ और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करते हैं। हम उपभोक्ताओं को बताते हैं कि बिल कैसे जाँचें, नकली और असली उत्पाद में अंतर कैसे करें, ऑनलाइन ठगी से कैसे बचें और शिकायत कहाँ व कैसे दर्ज करें। इसके साथ ही ज़रूरतमंद उपभोक्ताओं को कानूनी मार्गदर्शन भी दिया जाता है, ताकि वे उपभोक्ता आयोग तक अपनी बात मजबूती से रख सकें।
प्रश्न : क्या आप फर्जीवाड़े से बचाव के कुछ वास्तविक उदाहरण साझा कर सकते हैं?
उत्तर: हाल ही में हमारे एक क्षेत्र में गैस एजेंसी द्वारा उपभोक्ताओं से अवैध चार्ज वसूला जा रहा था। संगठन के हस्तक्षेप के बाद न केवल पैसा वापस कराया गया, बल्कि एजेंसी पर कार्रवाई भी हुई।
इसी तरह बीमा और ई-कॉमर्स से जुड़े मामलों में भी हमने उपभोक्ताओं को न्याय दिलाया है। यह साबित करता है कि जागरूक उपभोक्ता ही सबसे बड़ा नियामक होता है।
प्रश्न : हाल की प्रमुख गतिविधियों के बारे में बताइए।
उत्तर:हाल के महीनों में हमने प्रांतीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए, जिनमें कार्यकर्ताओं को उपभोक्ता संरक्षण कानून 2019 की बारीकियों से अवगत कराया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर किसानों और ग्रामीण उपभोक्ताओं को खाद, बीज, दवा और मशीनरी से जुड़े अधिकारों की जानकारी दी गई। इन अभियानों से यह स्पष्ट हुआ कि गाँवों में जागरूकता की अत्यंत आवश्यकता है।
प्रश्न : वर्तमान समय में उपभोक्ताओं के सामने सबसे बड़ी चुनौतियाँ क्या हैं?
उत्तर: आज सबसे बड़ी चुनौती है बाजार में बढ़ती धोखाधड़ी, डिजिटल फ्रॉड और सरकारी योजनाओं का दुरुपयोग। कई बार योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक नहीं पहुँच पाता, और उपभोक्ता भ्रमित हो जाता है। हमारी कोशिश रहती है कि उपभोक्ता केवल शिकायतकर्ता न बने, बल्कि अपने अधिकारों को समझने वाला सजग नागरिक बने।
प्रश्न : उपभोक्ता संरक्षण कानून 2019 को आप किस रूप में देखते हैं?
उत्तर: उपभोक्ता संरक्षण कानून 2019 उपभोक्ताओं के लिए एक क्रांतिकारी कदम है। इसमें ई-कॉमर्स, भ्रामक विज्ञापन, उत्पाद दायित्व और त्वरित न्याय की व्यवस्था है। लेकिन कानून तभी प्रभावी होगा, जब उपभोक्ता इसके प्रावधानों को जाने। ग्राहक पंचायत इसी दिशा में कार्य कर रही है।
प्रश्न : संगठन के कुछ सफल मामलों का उल्लेख करें।
उत्तर: कई मामलों में उपभोक्ताओं को वर्षों से अटके बीमा क्लेम दिलाए गए, बिजली बिलों में सुधार कराया गया और मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई कराई गई। इन सफलताओं से लोगों का विश्वास संगठन पर और मजबूत हुआ है।
प्रश्न : भविष्य की क्या योजनाएँ हैं, विशेषकर युवाओं को जोड़ने को लेकर?
उत्तर: भविष्य में हमारा फोकस डिजिटल जागरूकता और युवाओं को संगठन से जोड़ने पर है। कॉलेजों और तकनीकी संस्थानों में उपभोक्ता क्लब बनाकर हम युवाओं को प्रशिक्षित करना चाहते हैं, ताकि वे समाज में जागरूकता के दूत बनें।
प्रश्न : अंत में उपभोक्ताओं के लिए आपका संदेश क्या है?
उत्तर: मैं सभी उपभोक्ताओं से अपील करता हूँ कि वे सजग रहें, संगठित रहें और सवाल पूछें। रसीद लेना, अधिकार जानना और गलत के खिलाफ आवाज़ उठाना ही सच्चा ग्राहक धर्म है। अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत आपके साथ है न्याय, जागरूकता और स्वाभिमान के लिए।

By admin

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