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डिजिटल अरेस्ट, फिशिंग लिंक और बैंकिंग धोखाधड़ी के प्रति लोगों को किया जा रहा जागरूक, साइबर ठगी होने पर 1930 पर कॉल करने की अपील

देहरादून। उत्तराखण्ड पुलिस की ओर से प्रदेशभर में साइबर जागरूकता अभियान 2.0 के तहत विभिन्न जनपदों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान के माध्यम से छात्र-छात्राओं और आमजन को डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन ठगी, फिशिंग लिंक, बैंकिंग धोखाधड़ी तथा सोशल मीडिया से जुड़े साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

पुलिस लोगों को साइबर अपराधियों के तौर-तरीकों की जानकारी देकर सतर्क रहने और डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित कर रही है। अभियान का उद्देश्य आमजन को साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी देना तथा ऑनलाइन धोखाधड़ी की स्थिति में समय रहते शिकायत दर्ज कराने के लिए जागरूक करना है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी, पासवर्ड या अन्य संवेदनशील विवरण साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें और किसी के कहने पर डर या दबाव में आकर ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर न करें। कानून प्रवर्तन एजेंसी के नाम पर वीडियो कॉल के जरिए गिरफ्तारी या कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर पैसे मांगने जैसी गतिविधियों के प्रति भी सतर्क रहें।

उत्तराखण्ड पुलिस ने साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराने की अपील की है। समय पर शिकायत करने से ठगी की रकम को रोकने की संभावना बढ़ सकती है।

पुलिस ने आमजन से डिजिटल लेनदेन के दौरान सावधानी बरतने और साइबर सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन करने का आह्वान किया है।

उत्तराखण्ड पुलिस का संदेश है—सतर्क रहें, साइबर सुरक्षित रहें। आपकी सुरक्षा, हमारा संकल्प।

By admin