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गोपेश्वर। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को और गति देने के लिए सोमवार को जिला सभागार गोपेश्वर में आयुक्त गढ़वाल मंडल आनंद स्वरूप ने जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में बंद सड़कों, स्वास्थ्य सेवाओं, राहत एवं बचाव कार्यों के साथ ही मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में चल रहे रेस्क्यू अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई।

आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा की स्थिति में सभी विभाग आपसी समन्वय, तत्परता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। प्रभावित क्षेत्रों तक राहत सामग्री और आवश्यक सेवाएं समयबद्ध तरीके से पहुंचाई जाएं। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

टनल से पानी निकाला, तीन मशीनें हटाईं

पीपलकोटी टनल हादसे में चल रहे रेस्क्यू अभियान की समीक्षा के दौरान आयुक्त ने जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार से अब तक की प्रगति और वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। बताया गया कि टनल के भीतर जमा पानी पूरी तरह निकाल लिया गया है। तीन मशीनों को टनल से बाहर हटा दिया गया है, जबकि एक एक्सकेवेटर और एक डंपर को हटाने का कार्य जारी है।

आयुक्त ने शेष मशीनरी को भी शीघ्र हटाने के निर्देश दिए, ताकि टनल के भीतर खोज एवं बचाव अभियान के लिए रास्ता सुगम हो सके। उन्होंने मौके पर मौजूद टीएचडीसी के डीजीएम से टनल के भीतर की परिस्थितियों, वर्तमान स्थिति और रेस्क्यू कार्य से जुड़ी तकनीकी जानकारी भी ली।

सभी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल के निर्देश

आयुक्त ने आरबीएनएल के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित कर टीएचडीसी से संबंधित रेस्क्यू और अन्य आवश्यक कार्यों में हरसंभव सहयोग लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान में जुटी सभी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखा जाए और आधुनिक तकनीकी साधनों एवं उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जाए।

उन्होंने रेस्क्यू अभियान को तेजी के साथ-साथ सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।

तमक नाले में लापता व्यक्ति की तलाश जारी

बैठक में तमक नाले में अतिवृष्टि के बाद तेज पानी और मलबे की चपेट में आए एक व्यक्ति की तलाश के लिए चलाए जा रहे सर्च एवं रेस्क्यू अभियान की भी समीक्षा की गई। जिला प्रशासन के निर्देशन में लापता व्यक्ति की तलाश युद्धस्तर पर की जा रही है।

रेस्क्यू टीमों ने परिजनों को साथ लेकर भी सर्च अभियान चलाया। आयुक्त ने अभियान की लगातार निगरानी रखने और रेस्क्यू टीमों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

टनलों की सुरक्षा व्यवस्था की होगी समीक्षा

आयुक्त ने जनपद में टीएचडीसी और एनटीपीसी की निर्माणाधीन टनलों की सुरक्षा व्यवस्था की भी जानकारी ली। उन्होंने टनलों की वर्तमान स्थिति, सुरक्षा इंतजाम, जल निकासी व्यवस्था, संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों और आपात स्थिति में राहत-बचाव की तैयारियों की समीक्षा की।

उन्होंने कहा कि टनल के भीतर और आसपास सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन होना चाहिए। किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में तत्काल एहतियाती कदम उठाए जाएं और परियोजना प्रबंधन तथा जिला प्रशासन के बीच लगातार समन्वय बना रहे।

श्रमिकों के पीएफ अभिलेखों की जांच के निर्देश

आयुक्त ने श्रम अधिकारी को टीएचडीसी परियोजना में कार्यरत श्रमिकों के पीएफ से संबंधित अभिलेखों की जांच कर स्पष्ट और तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। वहीं प्रभावित श्रमिकों और उनके परिजनों को उचित मुआवजा दिए जाने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित कार्मिकों और उनके आश्रितों को नियमानुसार देय मुआवजा एवं अन्य सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाई जाए।

ब्रह्मसैंण भूस्खलन पर भी नजर

गोपेश्वर के समीप ब्रह्मसैंण क्षेत्र में हो रहे भूस्खलन की स्थिति की भी आयुक्त ने जानकारी ली। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को तत्काल आवश्यक सुरक्षात्मक और स्थायी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

आयुक्त ने स्थल का तकनीकी परीक्षण कराकर संभावित जोखिमों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुरक्षात्मक कार्यों का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने को कहा।

मौके पर पुलिस अधिकारी कर रहे निगरानी

आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी के लिए चमोली पुलिस के अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद हैं। पुलिस उपाधीक्षक कर्णप्रयाग त्रिवेंद्र सिंह राणा पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी टनल में रेस्क्यू टीमों के साथ रहकर अभियान की प्रगति और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं।

वहीं पुलिस उपाधीक्षक चमोली मदन सिंह बिष्ट ब्रह्मसैंण क्षेत्र में भूस्खलन स्थल का लगातार स्थलीय निरीक्षण कर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। जिला प्रशासन और चमोली पुलिस की ओर से आपदा प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों में राहत-बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

106 शिकायतें सुनीं

बैठक के दौरान ग्रामीणों और आमजन की 106 समस्याएं एवं शिकायतें भी सुनी गईं। आयुक्त ने अधिकांश शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। शेष मामलों का समयबद्ध और नियमानुसार समाधान सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, उप वन संरक्षक बद्रीनाथ प्रणाली रमेश, केदारनाथ रजत सुमन, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, उपजिलाधिकारी राज कुमार पांडे, उपजिलाधिकारी कर्णप्रयाग अलकेश नौड़ियाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

By admin