जनजागरूकता संदेश
सभी सम्मानित नागरिकों को अवगत कराना है कि बाजार में मौजूद कुछ कंपनियां/सोसायटियों/संस्थाओं द्वारा अधिक लाभ का लालच देकर एफ.डी./आर.डी. आदि स्कीमें चलाकर कर प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर ब्रांच कार्यालय खोलकर धनराशि जमा करवाकर लाखों/करोड़ों रूपये जमा होने पर फरार हो जा रहे है इसी तरह ट्रेडिंग एवं क्रिप्टों करेंसी में निवेश में अधिक लाभ का लालच देकर एडवांस पैसा जमा कराकर फरार हो जाने की घटनाओं के सम्बन्ध में *स्पेशल टास्क फोर्स, (STF) उत्तराखण्ड* आपको सूचित करती है कि किसी भी संस्था/वित्तीय अधिष्ठान में पैसा निवेश करने से पूर्व पूर्ण जानकारी प्राप्त कर लें कि उक्त संस्थान अपनी स्कीमों के तहत की जा रही घोषणाओं सम्बन्धी कार्य करने के लिए अधिकृत है कि नहीं। मनी सर्कुलेशन/मल्टी लेवल मार्केटिंग/पिरामिड संरचानाओं व अनधिकृत स्कीमो के तहत धन जमा करवाना अपराध है। ऐसे स्कीमों के पता लगने पर तुरन्त अपने निकटवर्ती पुलिस स्टेशन अथवा एस.टी.एफ. के अधीन फाईनेंशियल फ्राड यूनिट पर शिकायत दर्ज करायें।
*आम जनता को इस प्रकार की धोखाधड़ी से बचाने के लिए ध्यान देने योग्य महत्वपूर्ण बिन्दुः-*
1-गैर बैकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) उस कंपनी को कहते है, जो कंपनी अधिनियम 1956 के अन्तर्गत पंजीकृत हो, इसका मुख्य कारोबार उधार देना विभिन्न प्रकार के शेयरों/स्टाक/बांड्स/डिबेचरों /प्रतिभूतियों, पट्टा कारोबार, किराया-खरीद (हायर पर्चेज), बीमा कारोबार, चिट सम्बन्धी कारोबार में निवेश करना तथा इसका मुख्य कारोबार किसी योजना अथवा व्यवस्था के अन्तर्गत एकमुश्त रूप से अथवा किश्तों में जमा राशियां प्राप्त करना है।
2 गैर बैकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) आरबीआई से पंजीकृत हो तथा जमाराशि स्वीकार करने के लिए आरबीआई द्वारा विशेष रूप से प्राधिकृत हो। जमाकर्ताओं को जनता की जमाराशि स्वीकार करने वाली एनबीएफसी की सूची की जांच कर लेनी चाहिए और यह भी देख लेना चाहिए कि कहीं इसका नाम उन कंपनियों की सूची में तो शामिल नहीं है जिन्हें जमाराशियां स्वीकार करने के लिए प्रतिबन्धित किया गया है।
3-जमाराशि स्वीकार करने के लिए प्राधिकृत एनबीएफसी की सूची एवं जिनके विरूद्व कानूनी मामले प्रचलित है कि सूची www.rbi.org.in पर उपलब्ध है।
5-एनबीएफसी ने अपनी वैबसाईट पर भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी पंजीकरण प्रमाण पत्र प्राथमिकता से प्रदर्शित किया है। यह प्रमाण पत्र यह भी दर्शाता है कि एनबीएफसी जमाराशि स्वीकार करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक से विशेष रूप से प्राधिकृत है।
6-जमाकर्ताओं द्वारा कंपनी से प्रत्येक जमाराशि की उचित रसीद की मांग अवश्य करनी चाहिए। जमा रसीद कंपनी के प्राधिकृत अधिकारी से विधिवत हस्ताक्षरित होनी चाहिए तथा उसमें जमा की तारिख जमाकर्ता का नाम, राशि अंकों व शब्दों में, देय ब्याज दर, परिपक्वता की तारीख तथा परिपक्व राशि का उल्लेख होना चाहिए।
7-मनीसर्कुलेशन/पिरामिड आकार की योजनाओं और पोंजी योजनाओं के तहत धन स्वीकार करने की अनुमति नहीं है। इन योजनाओं के तहत धन स्वीकार किया जाना प्रतिबंधित है।
8-अधिक ब्याजदर की पेशकश वाली योजनाओं/निवेश विकल्पों में निवेश करने से पहले निवेशक यह जांच लें कि ऐसे प्रतिफल की पेशकश करने वाली कंपनी वित्तीय क्षेत्र के किसी नियामक (रेगुलेटर) के पास पंजीकृत हो और जमाराशि या अन्य रूप में जनता से धन स्वीकार करने के लिए अधिकृत हो। यदि निवेश पर प्रदान की जाने वाली ब्याज दर/रिटर्न की दर बहुत अधिक हो तो ऐसे मामलों में निवेशकों को प्रायः चौकस हो जाना चाहिए। आमतौर पर, ऐसी संस्थाएं या तो उच्च जोखिम व्यापार में लिप्त होगी या उनका शुरू से ही धोखाधड़ी करने का इरादा रहेगा। अतएव, जनता पहले से ही सतर्क रहे कि अधिक बयाजदर/प्रतिफल की पेशकश वाली योजनाओं में पैसा डूबने की संभावना अधिक है।
9-मल्टी स्टेट मल्टी पर्पज कोओपरेटिव सोसायटी/स्टेट कोओपरेटिव सोसायटी जनसामान्य से या नोमीनल सदस्यों से जमाराशि नहीं ले सकती हैं तथा इन्हें अपने अधिकृत कार्य करने के लिए राज्य के State co-operative society से पंजीकरण प्राप्त करना आवश्यक है।
10-अपंजीकृत व्यक्ति/संस्था और यदि वे जनसमान्य से निक्षेप लेती हैं तो उनके विरूद्व UPID ACT /RBI ACT//BUDS ACT 2019/BNS के प्रावधानों के अधीन कार्यवाही की जाती है।
*वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ. उत्तराखण्ड की जनता से अपील*
“सभी नागरिकों से अनुरोध है कि किसी भी संस्था, कंपनी, सोसायटी, ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म अथवा क्रिप्टोकरेंसी निवेश योजना में धनराशि निवेश करने से पूर्व उसकी वैधानिकता एवं पंजीकरण की पूर्ण जांच अवश्य कर लें। केवल अधिक लाभ अथवा कम समय में धन दोगुना करने जैसे प्रलोभनों में आकर निवेश न करें। आपकी सतर्कता ही आपकी पूंजी की सुरक्षा है। यदि किसी संस्था अथवा व्यक्ति द्वारा संदिग्ध निवेश योजना, मनी सर्कुलेशन, पोंजी स्कीम या अनधिकृत जमाराशि योजना संचालित किए जाने की जानकारी प्राप्त हो तो तत्काल निकटतम पुलिस थाना, साइबर थाना अथवा एसटीएफ की फाइनेंशियल फ्रॉड यूनिट को सूचित करें।
*वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ., उत्तराखण्ड*
