देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखण्ड से आत्मीय जुड़ाव मंगलवार को एक बार फिर पूरे रंग में नजर आया। सिर पर ब्रह्मकमल की टोपी, भाषण में गढ़वाली-कुमाऊंनी के शब्दों की मिठास और प्रदेश के विकास के प्रति गहरी संवेदना—इन तीनों ने समारोह को खास बना दिया। दिल्ली-देहरादून आर्थिक मार्ग के लोकार्पण अवसर पर प्रधानमंत्री ने अपने सहज और अपनत्व भरे अंदाज से यह स्पष्ट कर दिया कि उत्तराखण्ड उनके लिए केवल एक राज्य नहीं, बल्कि भावनाओं से जुड़ी भूमि है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत ही स्थानीय बोली के शब्दों—भुला-भुलियों, सयाणा, आमा, बाबा—से की, जिससे वहां मौजूद जनसमूह में अलग ही उत्साह देखने को मिला। उनका यह अंदाज न केवल लोगों के दिलों को छू गया, बल्कि यह भी दर्शाता है कि वे स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को कितना महत्व देते हैं।
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था को भी प्रमुखता दी। उन्होंने मां डाट काली के आशीर्वाद का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि देहरादून पर सदैव उनकी कृपा बनी रही है। साथ ही संतला माता मंदिर का स्मरण करते हुए उन्होंने प्रदेश की आस्था परंपरा को सम्मान दिया।
प्रधानमंत्री ने कुंभ मेला हरिद्वार कुंभ, नंदा राजजात यात्रा, पंच बदरी, पंच केदार और पंच प्रयाग जैसे पवित्र स्थलों का उल्लेख कर उत्तराखण्ड की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उनके इस लोकल जुड़ाव ने जनसभा में मौजूद लोगों को भावुक कर दिया और पूरे वातावरण को श्रद्धा और गर्व से भर दिया।
इस दौरान प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बीच मजबूत तालमेल भी देखने को मिला। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री को लोकप्रिय, कर्मठ और युवा नेतृत्व वाला बताया, जिससे दोनों नेताओं के बीच विश्वास और समन्वय की झलक साफ दिखाई दी।
कार्यक्रम के दौरान एक दिलचस्प क्षण तब देखने को मिला जब केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी मंच से संबोधित कर रहे थे और उसी दौरान प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री आपस में किसी विषय पर गंभीर चर्चा करते नजर आए। मुख्यमंत्री की बातों को प्रधानमंत्री बड़े ध्यान से सुनते दिखे, जो उनके सहयोगात्मक कार्यशैली का उदाहरण है।
कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री का यह दौरा केवल विकास परियोजनाओं के लोकार्पण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह उत्तराखण्ड की संस्कृति, परंपरा और जनभावनाओं के साथ उनके गहरे जुड़ाव का सशक्त संदेश भी दे गया।
